Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.3.5: वह आकाश से गिरकर पृथ्वी पर गिरते हुए सूर्य के समान तथा पूर्वकाल में वृत्रासुर द्वारा पराजित हुए अजेय देवताओं के राजा इन्द्र के समान दिखाई दे रहा था॥5॥ | mahabharat अध्याय 7.3: भीष्मजीके प्रति कर्णका कथन । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नभश्च्युतमिवादित्यं पतितं धरणीतले।
शतक्रतुमिवाचिन्त्यं पुरा वृत्रेण निर्जितम्॥ ५॥
अनुवाद
वह आकाश से गिरकर पृथ्वी पर गिरते हुए सूर्य के समान तथा पूर्वकाल में वृत्रासुर द्वारा पराजित हुए अजेय देवताओं के राजा इन्द्र के समान दिखाई दे रहा था॥5॥
He appeared like the Sun falling on the earth after falling from the sky and like Indra, the king of the invincible gods who was defeated by Vritrasur in earlier times. 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥