श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 3: भीष्मजीके प्रति कर्णका कथन  »  श्लोक 15-16h
 
 
श्लोक  7.3.15-16h 
अद्य गाण्डीवमुक्ताना-
मशनीनामिव स्वन:॥ १५॥
त्रासयिष्यति बाणानां
कुरूनन्यांश्च पार्थिवान्।
 
 
अनुवाद
‘आज गाण्डीव धनुषसे छूटे हुए बाणोंकी वज्रके समान ध्वनि कौरवों आदि राजाओंको भयभीत कर देगी।॥15 1/2॥
 
‘Today the thunderbolt-like sound of the arrows shot from the Gandiva bow will frighten the Kauravas and other kings.॥ 15 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)