श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 25: कौरव-पाण्डव-सैनिकोंके द्वन्द-युद्ध  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  7.25.35 
स लक्ष्मणस्येष्वसनं छित्त्वा लक्ष्म च भारत।
लक्ष्मणे शरजालानि विसृजन् बह्वशोभत॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
भरत! फिर उसने लक्ष्मण का धनुष और ध्वजा काटकर उन पर बाणों की वर्षा की और बहुत शोभायमान हुआ।
 
Bhaarat! Then he cut off Lakshman's bow and flag and showered showers of arrows on him and looked very beautiful.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)