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श्री महाभारत
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पर्व 7: द्रोण पर्व
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अध्याय 24: धृतराष्ट्रका अपना खेद प्रकाशित करते हुए युद्धके समाचार पूछना
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श्लोक 2
श्लोक
7.24.2
सम्प्रयुक्त: किलैवायं दिष्टैर्भवति पूरुष:।
तस्मिन्नेव च सर्वार्था: प्रदृश्यन्ते पृथग्विधा:॥ २॥
अनुवाद
निश्चय ही यह मनुष्य भगवान् से प्रेरित है। प्रत्येक व्यक्ति की व्यक्तिगत इच्छाएँ भगवान् पर ही आश्रित प्रतीत होती हैं॥ 2॥
Certainly this man is inspired by God. Everyone's individual desires seem to be dependent on God.॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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