श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 22: द्रोणके युद्धके विषयमें दुर्योधन और कर्णका संवाद  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  7.22.19 
न चापि पाण्डवा युद्धे भज्येरन्निति मे मति:।
शूराश्च बलवन्तश्च कृतास्त्रा युद्धदुर्मदा:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
पाण्डव वीर, बलवान, अस्त्र-शस्त्र चलाने में निपुण और युद्ध में उन्मत्त होकर लड़ने वाले हैं। वे युद्धभूमि से कभी भाग नहीं सकते। ऐसा मेरा विश्वास है॥19॥
 
The Pandavas are valiant, strong, adept in the art of using weapons and fight like madmen in battles. They can never flee from the battlefield. This is my belief.॥19॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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