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mahabharat 7.22.18: कर्ण ने कहा- हे राजन! ये महाबाहु भीमसेन जब तक जीवित हैं, युद्ध से विमुख नहीं हो सकते। हे सिंह! आपके सैनिकों की गर्जना को भीमसेन कभी सहन नहीं कर सकेंगे॥18॥   |   mahabharat अध्याय 7.22: द्रोणके युद्धके विषयमें दुर्योधन और कर्णका संवाद   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 22: द्रोणके युद्धके विषयमें दुर्योधन और कर्णका संवाद  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  7.22.18 
कर्ण उवाच
नैष जातु महाबाहुर्जीवन्नाहवमुत्सृजेत्।
न चेमान् पुरुषव्याघ्र सिंहनादान् सहिष्यति॥ १८॥
 
 
अनुवाद
कर्ण ने कहा- हे राजन! ये महाबाहु भीमसेन जब तक जीवित हैं, युद्ध से विमुख नहीं हो सकते। हे सिंह! आपके सैनिकों की गर्जना को भीमसेन कभी सहन नहीं कर सकेंगे॥18॥
 
Karna said— O King! This mighty-armed Bhimasena can never give up the battle as long as he is alive. O lion! Bhimasena will never tolerate the roar that your soldiers are making.॥ 18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)