Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.22.13: महामनस्वी द्रोणाचार्य के सुवर्णमय पंखयुक्त बाणों से पीड़ित होकर वे इधर-उधर घूम रहे हैं, एक दिशा में नहीं दौड़ रहे हैं ॥13॥ | mahabharat अध्याय 7.22: द्रोणके युद्धके विषयमें दुर्योधन और कर्णका संवाद । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महामनस्वी द्रोणाचार्य के सुवर्णमय पंखयुक्त बाणों से पीड़ित होकर वे इधर-उधर घूम रहे हैं, एक दिशा में नहीं दौड़ रहे हैं ॥13॥
Being afflicted by the golden-feathered arrows of the great-minded Drona, they are moving about here and there and are not running in the same direction. ॥ 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥