vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 21: द्रोणाचार्यके द्वारा सत्यजित् , शतानीक,दृढसेन,क्षेम, वसुदान तथा पांचालराजकुमार आदिका वध और पाण्डव-सेनाकी पराजय
»
श्लोक 64
श्लोक
7.21.64
तावकाश्च महाराज जयं लब्ध्वा महाहवे।
पाण्डवेयान् रणे जघ्नुर्द्रवमाणान् समन्तत:॥ ६४॥
अनुवाद
महाराज! उस महायुद्ध में विजय प्राप्त करके आपके पुत्रों ने सब दिशाओं में भागते हुए पाण्डव योद्धाओं का संहार करना आरम्भ कर दिया।
Maharaj! After achieving victory in that great war your sons began killing the Pandava warriors who were fleeing in all directions.
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas