श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 21: द्रोणाचार्यके द्वारा सत्यजित् , शतानीक,दृढसेन,क्षेम, वसुदान तथा पांचालराजकुमार आदिका वध और पाण्डव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 62-63
 
 
श्लोक  7.21.62-63 
सात्यकिं चेकितानं च धृष्टद्युम्नशिखण्डिनौ।
वार्धक्षेमिं चैत्रसेनिं सेनाबिन्दुं सुवर्चसम्॥ ६२॥
एतांश्चान्यांश्च सुुबहून् नानाजनपदेश्वरान्।
सर्वान् द्रोणोऽजयद् युद्धे कुरुभि: परिवारित:॥ ६३॥
 
 
अनुवाद
कौरवों से घिरे हुए द्रोणाचार्य ने सात्यकि, चेकितान, धृष्टद्युम्न, शिखंडी, वृद्धक्षेम के पुत्र चित्रसेनकुमार, सेनाबिन्दु और सुवर्चा तथा विभिन्न देशों के अनेक राजाओं को युद्ध में परास्त किया। 62-63॥
 
Surrounded by the Kauravas, Dronacharya defeated Satyaki, Chekitana, Dhrishtadyumna, Shikhandi, Vridhakshema's son, Chitrasenkumar, Senabindu and Suvarcha and many other kings of different countries in the battle. 62-63॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas