श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 21: द्रोणाचार्यके द्वारा सत्यजित् , शतानीक,दृढसेन,क्षेम, वसुदान तथा पांचालराजकुमार आदिका वध और पाण्डव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 60
 
 
श्लोक  7.21.60 
तस्मिन् हते राजपुत्रे पञ्चालानां यशस्करे।
हत द्रोणं हत द्रोणमित्यासीन्नि:स्वनो महान्॥ ६०॥
 
 
अनुवाद
जब पांचालों का गौरव बढ़ाने वाले उस राजकुमार का वध कर दिया गया, तब बड़ा कोलाहल मच गया और चिल्लाने लगे, 'द्रोण को मार डालो, द्रोण को मार डालो!'
 
When that prince, who had increased the glory of the Panchalas, was killed, there was a great uproar, shouting, 'Kill Drona, kill Drona!'
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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