श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 21: द्रोणाचार्यके द्वारा सत्यजित् , शतानीक,दृढसेन,क्षेम, वसुदान तथा पांचालराजकुमार आदिका वध और पाण्डव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 48
 
 
श्लोक  7.21.48 
तं तु शूरं महेष्वासं तावकाऽभ्युद्यतायुधा:।
राजानो राजपुत्राश्च समन्तात् पर्यवारयन्॥ ४८॥
 
 
अनुवाद
आपकी सेना के राजाओं और राजकुमारों ने अस्त्र-शस्त्रों से सुसज्जित होकर वीर महाधनुर्धर द्रोणाचार्य को चारों ओर से घेरकर उनकी रक्षा की ॥48॥
 
The kings and princes of your army, armed with weapons, surrounded the valiant great archer Dronacharya from all sides to protect him. ॥ 48॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas