| श्री महाभारत » पर्व 7: द्रोण पर्व » अध्याय 21: द्रोणाचार्यके द्वारा सत्यजित् , शतानीक,दृढसेन,क्षेम, वसुदान तथा पांचालराजकुमार आदिका वध और पाण्डव-सेनाकी पराजय » श्लोक 23 |
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| | | | श्लोक 7.21.23  | पञ्चाला: केकया मत्स्या चेदिकारूषकोसला:।
युधिष्ठिरमभीप्सन्तो दृष्ट्वा द्रोणमुपाद्रवन्॥ २३॥ | | | | | | अनुवाद | | उस समय पांचाल, केकय, मत्स्य, चेदि, करुष तथा कोसल देशों के योद्धाओं ने द्रोणाचार्य को देखकर युधिष्ठिर की रक्षा के लिये उन पर आक्रमण कर दिया। | | | | At that time, the warriors of Panchala, Kekaya, Matsya, Chedi, Karusha and Kosala countries, on seeing Dronacharya, attacked him to protect Yudhishthira. | | ✨ ai-generated | | |
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