श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 21: द्रोणाचार्यके द्वारा सत्यजित् , शतानीक,दृढसेन,क्षेम, वसुदान तथा पांचालराजकुमार आदिका वध और पाण्डव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  7.21.19 
हयान् ध्वजं धनुर्मुष्टिमुभौ च पार्ष्णिसारथी।
अवाकिरत् ततो द्रोण: शरवर्षै: सहस्रश:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
द्रोण ने सत्यजित् के घोड़ों, ध्वजा, धनुषमुकुट और दोनों पार्श्व रक्षकों पर हजारों बाणों की वर्षा की ॥19॥
 
Drona showered thousands of arrows on Satyajit's horses, flag, bow fist and both flank guards. 19॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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