vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 21: द्रोणाचार्यके द्वारा सत्यजित् , शतानीक,दृढसेन,क्षेम, वसुदान तथा पांचालराजकुमार आदिका वध और पाण्डव-सेनाकी पराजय
»
श्लोक 13
श्लोक
7.21.13
संछाद्यमानं समरे द्रोणं दृष्ट्वा महारथम्।
चुक्रुशु: पाण्डवा राजन् वस्त्राणि दुधुवुश्च ह॥ १३॥
अनुवाद
महाराज! युद्धस्थल पर बाणों से आच्छादित महारथी द्रोणाचार्य को देखकर समस्त पाण्डव सैनिक गर्जना करने लगे और अपने वस्त्र लहराने लगे।
King! On seeing the mighty warrior Dronacharya covered with arrows on the battlefield, all the Pandava soldiers began to roar and wave their clothes.
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas