श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 21: द्रोणाचार्यके द्वारा सत्यजित् , शतानीक,दृढसेन,क्षेम, वसुदान तथा पांचालराजकुमार आदिका वध और पाण्डव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  7.21.1 
संजय उवाच
ततो युधिष्ठिरो द्रोणं दृष्ट्वाऽन्तिकमुपागतम्।
महता शरवर्षेण प्रत्यगृह्णादभीतवत्॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं: हे राजन! तत्पश्चात युधिष्ठिर ने द्रोणाचार्य को अपने पास आते देख निर्भय योद्धा के समान बाणों की भारी वर्षा करके उन्हें रोक दिया।
 
Sanjaya says: O King! Thereafter Yudhishthira, seeing Drona coming near him, stopped him like a fearless warrior by showering a heavy shower of arrows.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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