श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 202: व्यासजीका अर्जुनसे भगवान् शिवकी महिमा बताना तथा द्रोणपर्वके पाठ और श्रवणका फल  »  श्लोक 89
 
 
श्लोक  7.202.89 
तस्मात् त्वां प्रष्टुमिच्छामो निर्जिता येन वै वयम्।
अयुध्यता हि बालेन लीलया सपुरंदरा:॥ ८९॥
 
 
अनुवाद
अतः हम आपसे उसके विषय में पूछना चाहते हैं। उस बालक ने इन्द्र आदि देवताओं को बिना किसी युद्ध के ही खेल के समान परास्त कर दिया ॥89॥
 
"Therefore we wish to ask you about him. That boy defeated us, the gods including Indra, just as a game, without any fight." ॥ 89॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)