श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 202: व्यासजीका अर्जुनसे भगवान् शिवकी महिमा बताना तथा द्रोणपर्वके पाठ और श्रवणका फल  »  श्लोक 69-70h
 
 
श्लोक  7.202.69-70h 
रुद्र रौद्रा भविष्यन्ति पशव: सर्वकर्मसु॥ ६९॥
निपातयिष्यसे चैतानसुरान् भुवनेश्वर।
 
 
अनुवाद
भुवनेश्वर! रुद्र! जब आप इन दैत्यों का नाश कर देंगे, तब समस्त यज्ञ-अनुष्ठानों में प्रयुक्त होने वाले पशु (यज्ञ में प्रयुक्त होने वाले उपकरण) रुद्र के अंश माने जाएँगे।
 
Bhubaneswar! Rudra! When you will destroy these demons, then the animals (instruments used in the yagya) in all the yagya rituals will be considered as Rudra's part.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)