श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 201: अश्वत्थामाके द्वारा आग्नेयास्त्रके प्रयोगसे एक अक्षौहिणी पाण्डव-सेनाका संहार; श्रीकृष्ण और अर्जुनपर उस अस्त्रका प्रभाव न होनेसे चिन्तित हुए अश्वत्थामाको व्यासजीका शिव और श्रीकृष्णकी महिमा बताना  »  श्लोक 80
 
 
श्लोक  7.201.80 
श्रीभगवानुवाच
मत्प्रसादान्मनुष्येषु देवगन्धर्वयोनिषु।
अप्रमेयबलात्मा त्वं नारायण भविष्यसि॥ ८०॥
 
 
अनुवाद
श्री भगवान बोले - नारायण ! मेरे आशीर्वाद से तुम मनुष्यों, देवताओं और गन्धर्वों में भी अपार बल और पराक्रम से युक्त होगे ॥80॥
 
Shri Bhagwan said – Narayan! By my blessings, you will be blessed with immense strength and bravery even among humans, gods and Gandharvas. 80॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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