श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 201: अश्वत्थामाके द्वारा आग्नेयास्त्रके प्रयोगसे एक अक्षौहिणी पाण्डव-सेनाका संहार; श्रीकृष्ण और अर्जुनपर उस अस्त्रका प्रभाव न होनेसे चिन्तित हुए अश्वत्थामाको व्यासजीका शिव और श्रीकृष्णकी महिमा बताना  »  श्लोक 56
 
 
श्लोक  7.201.56 
व्यास उवाच
महान्तमेवमथ मां यं त्वं पृच्छसि विस्मयात्।
तं प्रवक्ष्यामि ते सर्वं समाधाय मन: शृणु॥ ५६॥
 
 
अनुवाद
व्यास बोले, "मैं तुम्हें उस महत्त्वपूर्ण विषय के बारे में बता रहा हूँ जिसके बारे में तुम आश्चर्य से यह प्रश्न पूछ रहे हो। अपना मन एकाग्र करो और सब कुछ सुनो।"
 
Vyasa said, "I am telling you about the important topic about which you are asking this question with surprise. Concentrate your mind and listen to everything."
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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