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mahabharat 7.201.54: मैंने तो अत्यन्त भयंकर और संहारक अस्त्र का प्रयोग किया था; फिर उसने इन नश्वर श्रीकृष्ण और अर्जुन को क्यों नहीं मारा?   |   mahabharat अध्याय 7.201: अश्वत्थामाके द्वारा आग्नेयास्त्रके प्रयोगसे एक अक्षौहिणी पाण्डव-सेनाका संहार; श्रीकृष्ण और अर्जुनपर उस अस्त्रका प्रभाव न होनेसे चिन्तित हुए अश्वत्थामाको व्यासजीका शिव और श्रीकृष्णकी महिमा बताना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 201: अश्वत्थामाके द्वारा आग्नेयास्त्रके प्रयोगसे एक अक्षौहिणी पाण्डव-सेनाका संहार; श्रीकृष्ण और अर्जुनपर उस अस्त्रका प्रभाव न होनेसे चिन्तित हुए अश्वत्थामाको व्यासजीका शिव और श्रीकृष्णकी महिमा बताना  »  श्लोक 54
 
 
श्लोक  7.201.54 
सर्वघाति मया मुक्तमस्त्रं परमदारुणम्।
केनेमौ मर्त्यधर्माणौ नावधीत् केशवार्जुनौ॥ ५४॥
 
 
अनुवाद
मैंने तो अत्यन्त भयंकर और संहारक अस्त्र का प्रयोग किया था; फिर उसने इन नश्वर श्रीकृष्ण और अर्जुन को क्यों नहीं मारा?
 
I had used a very dangerous and annihilating weapon; Then why did he not kill these mortals Shri Krishna and Arjun?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)