Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.201.44: उन दोनों के शरीर को कोई क्षति नहीं पहुँची। वे दोनों हर्ष से भरकर अपने उत्तम शंख बजाने लगे। कुन्तीपुत्रों को प्रसन्न देखकर आपके पुत्रों के हृदय में बड़ी पीड़ा हुई। 44॥ | mahabharat अध्याय 7.201: अश्वत्थामाके द्वारा आग्नेयास्त्रके प्रयोगसे एक अक्षौहिणी पाण्डव-सेनाका संहार; श्रीकृष्ण और अर्जुनपर उस अस्त्रका प्रभाव न होनेसे चिन्तित हुए अश्वत्थामाको व्यासजीका शिव और श्रीकृष्णकी महिमा बताना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उन दोनों के शरीर को कोई क्षति नहीं पहुँची। वे दोनों हर्ष से भरकर अपने उत्तम शंख बजाने लगे। कुन्तीपुत्रों को प्रसन्न देखकर आपके पुत्रों के हृदय में बड़ी पीड़ा हुई। 44॥
There was no damage to both of their bodies. Both of them were filled with joy and started blowing their best conch shells. Seeing Kunti's sons happy, there was great pain in the hearts of your sons. 44॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥