Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.200.83: उस युद्ध में इन्द्र के समान पराक्रमी और बलवान अश्वत्थामा ने अपने रथ के पास आये हुए मालाबार के राजा सुदर्शन की इन्द्रध्वजा के समान चमकने वाली दोनों भुजाओं और मस्तक को तीन बाणों से काट डाला ॥83॥ | mahabharat अध्याय 7.200: श्रीकृष्णका भीमसेनको रथसे उतारकर नारायणास्त्रको शान्त करना, अश्वत्थामाका उसके पुन: प्रयोगमें अपनी असमर्थता बताना तथा अश्वत्थामाद्वारा धृष्टद्युम्नकी पराजय, सात्यकिका दुर्योधन, कृपाचार्य, कृतवर्मा, कर्ण और वृषसेन—इन छ: महारथियोंको भगा देना फिर अश्वत्थामाद्वारा मालव, पौरव और चेदिदेशके युवराजका वध एवं भीम और अश्वत्थामाका घोर युद्ध तथा पाण्डव-सेनाका पलायन । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस युद्ध में इन्द्र के समान पराक्रमी और बलवान अश्वत्थामा ने अपने रथ के पास आये हुए मालाबार के राजा सुदर्शन की इन्द्रध्वजा के समान चमकने वाली दोनों भुजाओं और मस्तक को तीन बाणों से काट डाला ॥83॥
In that battle, Ashwatthama, who was as mighty and powerful as Indra, cut off with three arrows both the arms and the head, which were shining like the rainbow flag, of Sudarshan, the King of Malabar who came near his chariot. 83॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥