Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.200.72: महाराज! जिस प्रकार सिंह हाथी को पीड़ा पहुँचाता है, उसी प्रकार अश्वत्थामा के बाणों से धृष्टद्युम्न को पीड़ित होते देख पाण्डव पक्ष के पाँच वीर योद्धा शीघ्रतापूर्वक वहाँ पहुँचे। | mahabharat अध्याय 7.200: श्रीकृष्णका भीमसेनको रथसे उतारकर नारायणास्त्रको शान्त करना, अश्वत्थामाका उसके पुन: प्रयोगमें अपनी असमर्थता बताना तथा अश्वत्थामाद्वारा धृष्टद्युम्नकी पराजय, सात्यकिका दुर्योधन, कृपाचार्य, कृतवर्मा, कर्ण और वृषसेन—इन छ: महारथियोंको भगा देना फिर अश्वत्थामाद्वारा मालव, पौरव और चेदिदेशके युवराजका वध एवं भीम और अश्वत्थामाका घोर युद्ध तथा पाण्डव-सेनाका पलायन । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाराज! जिस प्रकार सिंह हाथी को पीड़ा पहुँचाता है, उसी प्रकार अश्वत्थामा के बाणों से धृष्टद्युम्न को पीड़ित होते देख पाण्डव पक्ष के पाँच वीर योद्धा शीघ्रतापूर्वक वहाँ पहुँचे।
King! Just as a lion torments an elephant, in the same way seeing Dhrishtadyumna being tormented by Ashwatthama's arrows, five valiant warriors from the Pandava side reached there rapidly.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥