Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.2.17: जहाँ यमराज के समान नकुल और सहदेव युद्धभूमि में उपस्थित हों, जहाँ सात्यकि और देवकीनन्दन भगवान श्रीकृष्ण उपस्थित हों, उस सेना में यदि कोई कायर मनुष्य प्रवेश कर जाए, तो वह मृत्यु के मुख से जीवित नहीं निकल सकता॥17॥ | mahabharat अध्याय 7.2: कर्णकी रणयात्रा । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यमौ रणे यत्र यमोपमौ बले
ससात्यकिर्यत्र च देवकीसुत:।
न तद्बलं कापुरुषोऽभ्युपेयिवान्
निवर्तते मृत्युमुखान्न चासुभृत्॥ १७॥
अनुवाद
जहाँ यमराज के समान नकुल और सहदेव युद्धभूमि में उपस्थित हों, जहाँ सात्यकि और देवकीनन्दन भगवान श्रीकृष्ण उपस्थित हों, उस सेना में यदि कोई कायर मनुष्य प्रवेश कर जाए, तो वह मृत्यु के मुख से जीवित नहीं निकल सकता॥17॥
Where Nakula and Sahadev, like Yamraj, are present in the battlefield, where Satyaki and Devkinandan Lord Shri Krishna are present, if any cowardly person enters that army, he cannot come out alive from the jaws of death. 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥