Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.2.12: महारथी शान्तनु नन्दन भीष्म का युद्ध में मारा जाना आकाश से सूर्य के पृथ्वी पर गिरने के समान है। ऐसा होने पर संसार के समस्त राजा अर्जुन के वेग को सहन नहीं कर पाते, जैसे साधारण वृक्ष पर्वतों को भी ले जाने वाली वायु के वेग को सहन नहीं कर पाते।॥12॥ | mahabharat अध्याय 7.2: कर्णकी रणयात्रा । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महारथी शान्तनु नन्दन भीष्म का युद्ध में मारा जाना आकाश से सूर्य के पृथ्वी पर गिरने के समान है। ऐसा होने पर संसार के समस्त राजा अर्जुन के वेग को सहन नहीं कर पाते, जैसे साधारण वृक्ष पर्वतों को भी ले जाने वाली वायु के वेग को सहन नहीं कर पाते।॥12॥
‘Maharathi Shantanu Nandan Bhishma being killed in the battle is like the Sun falling from the sky and landing on the earth. When this happens, all the kings of the world are unable to bear Arjuna's speed, just as ordinary trees cannot bear the speed of the wind that carries even mountains.॥ 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥