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mahabharat 7.199.d5: उसके शंख की ध्वनि और भुजाओं की ताली की ध्वनि सुनकर आपके सैनिकों ने उसे चारों ओर से घेर लिया और उस पर बाणों की वर्षा करने लगे।   |   mahabharat अध्याय 7.199: अश्वत्थामाके द्वारा नारायणास्त्रका प्रयोग, राजा युधिष्ठिरका खेद, भगवान् श्रीकृष्णके बताये हुए उपायसे सैनिकोंकी रक्षा, भीमसेनका वीरोचित उद्‍गार और उनपर उस अस्त्रका प्रबल आक्रमण   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 199: अश्वत्थामाके द्वारा नारायणास्त्रका प्रयोग, राजा युधिष्ठिरका खेद, भगवान् श्रीकृष्णके बताये हुए उपायसे सैनिकोंकी रक्षा, भीमसेनका वीरोचित उद्‍गार और उनपर उस अस्त्रका प्रबल आक्रमण  »  श्लोक d5
 
 
श्लोक  7.199.d5 
तस्य शङ्खस्वनं श्रुत्वा बाहुशब्दं च तावका:।
समन्तात् कोष्ठकीकृत्य शरव्रातैरवाकिरन्॥)
 
 
अनुवाद
उसके शंख की ध्वनि और भुजाओं की ताली की ध्वनि सुनकर आपके सैनिकों ने उसे चारों ओर से घेर लिया और उस पर बाणों की वर्षा करने लगे।
 
Hearing the sound of his conch and the clapping of his arms, your soldiers surrounded him from all sides and began showering arrows upon him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)