Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.199.d2: हम विजय की इच्छा से आगे बढ़ना चाहते थे; किन्तु जिन्होंने हमें व्यूह के द्वार पर रोका, उन्होंने हमारी विशाल सेना को भी रोक दिया, जो अपनी पूरी शक्ति से उसमें प्रवेश करने का प्रयत्न कर रही थी। | mahabharat अध्याय 7.199: अश्वत्थामाके द्वारा नारायणास्त्रका प्रयोग, राजा युधिष्ठिरका खेद, भगवान् श्रीकृष्णके बताये हुए उपायसे सैनिकोंकी रक्षा, भीमसेनका वीरोचित उद्गार और उनपर उस अस्त्रका प्रबल आक्रमण । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हम विजय की इच्छा से आगे बढ़ना चाहते थे; किन्तु जिन्होंने हमें व्यूह के द्वार पर रोका, उन्होंने हमारी विशाल सेना को भी रोक दिया, जो अपनी पूरी शक्ति से उसमें प्रवेश करने का प्रयत्न कर रही थी।
‘We wanted to move forward with the desire of victory; but those who stopped us at the gate of the array, also stopped our huge army which was trying to enter it with all its might.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥