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mahabharat 7.199.40: ज्यों-ज्यों हमारे योद्धा इस अस्त्र के विरुद्ध युद्ध करते हैं, त्यों-त्यों कौरव अधिकाधिक शक्तिशाली होते जा रहे हैं।॥40॥   |   mahabharat अध्याय 7.199: अश्वत्थामाके द्वारा नारायणास्त्रका प्रयोग, राजा युधिष्ठिरका खेद, भगवान् श्रीकृष्णके बताये हुए उपायसे सैनिकोंकी रक्षा, भीमसेनका वीरोचित उद्‍गार और उनपर उस अस्त्रका प्रबल आक्रमण   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 199: अश्वत्थामाके द्वारा नारायणास्त्रका प्रयोग, राजा युधिष्ठिरका खेद, भगवान् श्रीकृष्णके बताये हुए उपायसे सैनिकोंकी रक्षा, भीमसेनका वीरोचित उद्‍गार और उनपर उस अस्त्रका प्रबल आक्रमण  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  7.199.40 
यथा यथा हि युध्यन्ते योधा ह्यस्त्रमिदं प्रति।
तथा तथा भवन्त्येते कौरवा बलवत्तरा:॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
ज्यों-ज्यों हमारे योद्धा इस अस्त्र के विरुद्ध युद्ध करते हैं, त्यों-त्यों कौरव अधिकाधिक शक्तिशाली होते जा रहे हैं।॥40॥
 
As our warriors fight against this weapon, the Kauravas are becoming more and more powerful.'॥ 40॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)