vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 195: अश्वत्थामाके क्रोधपूर्ण उद्गार और उसके द्वारा नारायणास्त्रका प्राकट्य
»
श्लोक 26
श्लोक
7.195.26
भृशमिष्वसनादद्य मत्प्रयुक्ता महाहवे।
दर्शयन्त: शरा वीर्यं प्रमथिष्यन्ति पाण्डवान्॥ २६॥
अनुवाद
आज इस महायुद्ध में मेरे द्वारा छोड़े गए धनुष के बाण मेरे अपार पराक्रम का परिचय देते हुए पाण्डव योद्धाओं को मथ डालेंगे॥ 26॥
Today in this great war the arrows shot by me from my bow will churn the Pandava warriors, demonstrating my immense valour.॥ 26॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×