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श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 193: कौरव-सैनिकों तथा सेनापतियोंका भागना, अश्वत्थामाके पूछनेपर कृपाचार्यका उसे द्रोणवधका वृत्तान्त सुनाना  »  श्लोक 67
 
 
श्लोक  7.193.67 
सैनिकाश्च तत: सर्वे प्राद्रवन्त भयार्दिता:।
वयं चापि निरुत्साहा हते पितरि तेऽनघ॥ ६७॥
 
 
अनुवाद
हे निरपराध! तुम्हारे पिता के मारे जाने पर सब सैनिक डरकर भाग गए और हम लोग निराश होकर लौट रहे हैं।
 
O innocent one! After your father was killed, all the soldiers fled in fear and we are returning disheartened. 67.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)