श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 193: कौरव-सैनिकों तथा सेनापतियोंका भागना, अश्वत्थामाके पूछनेपर कृपाचार्यका उसे द्रोणवधका वृत्तान्त सुनाना  »  श्लोक 61
 
 
श्लोक  7.193.61 
तं दॄष्ट्वा परमोद्विग्नं शोकातुरमचेतसम्।
पांचालराजस्य सुत: क्रूरकर्मा समाद्रवत्॥ ६१॥
 
 
अनुवाद
उसे अत्यन्त व्यथित, शोकग्रस्त एवं अचेत देखकर पांचालराज का क्रूर पुत्र धृष्टद्युम्न उसकी ओर दौड़ा।
 
Seeing him extremely distressed, grief-stricken and unconscious, Dhrishtadyumna, the cruel son of the King of Panchala, ran towards him. 61.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)