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mahabharat 7.193.6: भरत! आपके सभी सैनिक भूख-प्यास से अत्यन्त दुःखी और व्याकुल हो रहे थे, मानो सूर्य ने अपनी प्रचण्ड किरणों से उन्हें झुलसा दिया हो। वे अत्यन्त दुःखी हो गए थे॥6॥   |   mahabharat अध्याय 7.193: कौरव-सैनिकों तथा सेनापतियोंका भागना, अश्वत्थामाके पूछनेपर कृपाचार्यका उसे द्रोणवधका वृत्तान्त सुनाना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 193: कौरव-सैनिकों तथा सेनापतियोंका भागना, अश्वत्थामाके पूछनेपर कृपाचार्यका उसे द्रोणवधका वृत्तान्त सुनाना  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  7.193.6 
क्षुत्पिपासापरिम्लानास्ते योधास्तव भारत।
आदित्येनेव संतप्ता भृशं विमनसोऽभवन्॥ ६॥
 
 
अनुवाद
भरत! आपके सभी सैनिक भूख-प्यास से अत्यन्त दुःखी और व्याकुल हो रहे थे, मानो सूर्य ने अपनी प्रचण्ड किरणों से उन्हें झुलसा दिया हो। वे अत्यन्त दुःखी हो गए थे॥6॥
 
Bharata! All your soldiers were feeling very sad and restless due to hunger and thirst, as if the sun had scorched them with its intense rays. They had become very sad.॥6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)