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mahabharat 7.193.35: उस समय राजा दुर्योधन ने सकुचाते हुए कृपाचार्य से कहा, "गुरुदेव! आपका कल्याण हो। कृपया मुझे वह कारण बताइए कि यह सारी सेना क्यों भाग रही है।"   |   mahabharat अध्याय 7.193: कौरव-सैनिकों तथा सेनापतियोंका भागना, अश्वत्थामाके पूछनेपर कृपाचार्यका उसे द्रोणवधका वृत्तान्त सुनाना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 193: कौरव-सैनिकों तथा सेनापतियोंका भागना, अश्वत्थामाके पूछनेपर कृपाचार्यका उसे द्रोणवधका वृत्तान्त सुनाना  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  7.193.35 
तत: शारद्वतं राजा सव्रीडमिदमब्रवीत्।
शंसात्र भद्रं ते सर्वं यथा सैन्यमिदं द्रुतम्॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
उस समय राजा दुर्योधन ने सकुचाते हुए कृपाचार्य से कहा, "गुरुदेव! आपका कल्याण हो। कृपया मुझे वह कारण बताइए कि यह सारी सेना क्यों भाग रही है।"
 
At that time King Duryodhana said to Kripacharya hesitantly, 'Gurudev! May you be blessed. Please tell me the reason why this entire army is fleeing.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)