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श्री महाभारत
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पर्व 7: द्रोण पर्व
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अध्याय 193: कौरव-सैनिकों तथा सेनापतियोंका भागना, अश्वत्थामाके पूछनेपर कृपाचार्यका उसे द्रोणवधका वृत्तान्त सुनाना
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श्लोक 32
श्लोक
7.193.32
कस्मिन्निदं हते राजन् रथसिंहे बलं तव।
एतामवस्थां सम्प्राप्तं तन्ममाचक्ष्व कौरव॥ ३२॥
अनुवाद
राजन! कुरुपुत्र! किस सिंह के समान पराक्रमी सारथि की मृत्यु के बाद आपकी सेना इस दुर्दशा को प्राप्त हुई है? कृपया मुझे यह बताइए॥ 32॥
King! Son of Kuru! After the death of which lion-like mighty charioteer your army has reached this bad state. Please tell me about this.'॥ 32॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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