vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 193: कौरव-सैनिकों तथा सेनापतियोंका भागना, अश्वत्थामाके पूछनेपर कृपाचार्यका उसे द्रोणवधका वृत्तान्त सुनाना
»
श्लोक 27
श्लोक
7.193.27
हत्वा बहुविधा: सेना: पाण्डूनां युद्धदुर्मद:।
कथंचित् संकटान्मुक्तो मत्तद्विरदविक्रम:॥ २७॥
अनुवाद
वीर योद्धा अश्वत्थामा उन्मत्त हाथी के समान पाण्डवों की अनेक सेनाओं का संहार करके किसी प्रकार युद्ध के संकट से बच निकला।
The valiant warrior Ashvatthama, like a mad elephant, having destroyed several armies of the Pandavas, somehow escaped the trouble of war.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×