तिष्ठ तिष्ठेति न च ते स्वयं तत्रावतस्थिरे।
धुर्यानुन्मुच्य च रथाद्धतसूतात् स्वलंकृतान्।
अधिरुह्य हयान् योधा: क्षिप्रं पद्भिरचोदयन्॥ २४॥
अनुवाद
कुछ योद्धा दूसरों को रुकने को कहते, पर स्वयं नहीं रुकते। कई योद्धा बिना सारथी वाले रथों से सजे हुए घोड़ों को खोलकर उन पर सवार हो जाते और पैरों से उन्हें तेज़ी से हाँकने लगते।
Some warriors would tell others to stop, but they themselves would not stop. Many warriors would untie the decorated horses from the chariots without charioteers, mount them and start driving them quickly with their feet.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥