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श्री महाभारत
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पर्व 7: द्रोण पर्व
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अध्याय 193: कौरव-सैनिकों तथा सेनापतियोंका भागना, अश्वत्थामाके पूछनेपर कृपाचार्यका उसे द्रोणवधका वृत्तान्त सुनाना
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श्लोक 18
श्लोक
7.193.18
संशप्तकगणान् गृह्य हतशेषान् किरीटिना।
सुशर्मा प्राद्रवद् राजन् दृष्ट्वा द्रोणं निपातितम्॥ १८॥
अनुवाद
महाराज! द्रोणाचार्य को युद्धभूमि में गिरा हुआ देखकर सुशर्मा अर्जुन के आक्रमण से बचे हुए संशप्तकों सहित वहाँ से भाग गया।
King! Seeing Dronacharya fallen on the battlefield, Susharma fled from there along with the Samshaptakas who had survived Arjun's attack.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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