Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.192.73-74h: जब महाबली द्रोण आकाश को अचंभित करते हुए ऊपर की ओर जा रहे थे, तब हमने उन्हें धूमरहित तथा प्रज्वलित उल्कापिंड के समान एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाते देखा। 73 1/2 | mahabharat अध्याय 7.192: उभयपक्षके श्रेष्ठ महारथियोंका परस्पर युद्ध, धृष्टद्युम्नका आक्रमण, द्रोणाचार्यका अस्त्र त्यागकर योगधारणाके द्वारा ब्रह्मलोक-गमन और धृष्टद्युम्नद्वारा उनके मस्तकका उच्छेद । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब महाबली द्रोण आकाश को अचंभित करते हुए ऊपर की ओर जा रहे थे, तब हमने उन्हें धूमरहित तथा प्रज्वलित उल्कापिंड के समान एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाते देखा। 73 1/2
When the mighty Drona was going upwards, stunning the sky, we from here saw him going from one place to another like a smokeless and blazing meteor. 73 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥