Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.192.67-68h: अर्जुन दया की गुहार लगाते हुए धृष्टद्युम्न के पास आने लगे। परन्तु उनकी और अन्य सभी राजाओं की पुकार के बावजूद, धृष्टद्युम्न ने रथ पर बैठे हुए श्रेष्ठ पुरुष द्रोणाचार्य को मार डाला। | mahabharat अध्याय 7.192: उभयपक्षके श्रेष्ठ महारथियोंका परस्पर युद्ध, धृष्टद्युम्नका आक्रमण, द्रोणाचार्यका अस्त्र त्यागकर योगधारणाके द्वारा ब्रह्मलोक-गमन और धृष्टद्युम्नद्वारा उनके मस्तकका उच्छेद । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अर्जुन दया की गुहार लगाते हुए धृष्टद्युम्न के पास आने लगे। परन्तु उनकी और अन्य सभी राजाओं की पुकार के बावजूद, धृष्टद्युम्न ने रथ पर बैठे हुए श्रेष्ठ पुरुष द्रोणाचार्य को मार डाला।
Arjuna started coming to Dhrishtadyumna, crying out for mercy. But despite his and all the other kings' calls, Dhrishtadyumna killed the best of men, Drona, in the chariot's seat. 67 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥