Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.192.4: कर्ण, महारथी कृपाचार्य और दुर्योधन आदि ने बाणों की वर्षा करके सात्यकि को सब ओर से रोक दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.192: उभयपक्षके श्रेष्ठ महारथियोंका परस्पर युद्ध, धृष्टद्युम्नका आक्रमण, द्रोणाचार्यका अस्त्र त्यागकर योगधारणाके द्वारा ब्रह्मलोक-गमन और धृष्टद्युम्नद्वारा उनके मस्तकका उच्छेद   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 192: उभयपक्षके श्रेष्ठ महारथियोंका परस्पर युद्ध, धृष्टद्युम्नका आक्रमण, द्रोणाचार्यका अस्त्र त्यागकर योगधारणाके द्वारा ब्रह्मलोक-गमन और धृष्टद्युम्नद्वारा उनके मस्तकका उच्छेद  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  7.192.4 
कर्णश्च शरवर्षेण गौतमश्च महारथ:।
दुर्योधनादयस्ते च शैनेयं पर्यवारयन्॥ ४॥
 
 
अनुवाद
कर्ण, महारथी कृपाचार्य और दुर्योधन आदि ने बाणों की वर्षा करके सात्यकि को सब ओर से रोक दिया।
 
Karna, the great warrior Kripacharya and Duryodhana etc. blocked Satyaki from all sides by showering arrows. 4.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)