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mahabharat 7.191.16: यद्यपि वह युद्धभूमि में बुरी तरह घायल हो गया था, फिर भी महान धनुर्धर द्रोण ने बिना किसी घबराहट के एक तीक्ष्ण भाले से उसका धनुष पुनः काट डाला।   |   mahabharat अध्याय 7.191: द्रोणाचार्य और धृष्टद्युम्नका युद्ध तथा सात्यकिकी शूरवीरता और प्रशंसा   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 191: द्रोणाचार्य और धृष्टद्युम्नका युद्ध तथा सात्यकिकी शूरवीरता और प्रशंसा  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  7.191.16 
सोऽतिविद्धो महेष्वासोऽसम्भ्रान्त इव संयुगे।
भल्लेन शितधारेण चिच्छेदास्य पुनर्धनु:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
यद्यपि वह युद्धभूमि में बुरी तरह घायल हो गया था, फिर भी महान धनुर्धर द्रोण ने बिना किसी घबराहट के एक तीक्ष्ण भाले से उसका धनुष पुनः काट डाला।
 
Even though he was severely wounded on the battlefield, the great archer Drona without any panic cut off his bow again with a sharp spear.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)