श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 19: संशप्तकगणोंके साथ अर्जुनका घोर युद्ध  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  7.19.3 
पश्य मेऽस्त्रबलं घोरं बाह्वोरिष्वसनस्य च।
अद्यैतान् पातयिष्यामि क्रुद्धो रुद्र: पशूनिव॥ ३॥
 
 
अनुवाद
आज तुम मेरे अस्त्र-शस्त्रों और धनुष का बल देखोगे। जैसे भगवान रुद्र क्रोध में आकर प्राणियों का संहार करते हैं, वैसे ही मैं भी उनका संहार करूँगा।'
 
‘Today you will see the power of my weapons, arms and bow. Just like Lord Rudra in anger kills animals (living beings of the world), I will also kill them in the same manner.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)