श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 189: धृष्टद्युम्नका दु:शासनको हराकर द्रोणाचार्यपर आक्रमण, नकुल-सहदेवद्वारा उनकी रक्षा, दुर्योधन तथा सात्यकिका संवाद तथा युद्ध, कर्ण और भीमसेनका संग्राम और अर्जुनका कौरवोंपर आक्रमण  »  श्लोक 66
 
 
श्लोक  7.189.66 
पञ्चालानेव तु द्रोणो धृष्टद्युम्नपुरोगमान्।
ममर्दुस्तरसा वीरा: पञ्चमेऽहनि भारत॥ ६६॥
 
 
अनुवाद
भरत! वहाँ से द्रोण ने धृष्टद्युम्न के समान पांचालों पर आक्रमण किया। पाँचवें दिन के युद्ध में वे सभी वीर योद्धा बड़े बल से एक-दूसरे को कुचलने लगे।
 
Bharata! From there Drona attacked the Panchalas like Dhrishtadyumna. In the war of the fifth day all those brave warriors started trampling each other with great force. 66.
 
इति श्रीमहाभारते द्रोणपर्वणि द्रोणवधपर्वणि संकुलयुद्धे एकोननवत्यधिकशततमोऽध्याय:॥ १८९॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत द्रोणपर्वके अन्तर्गत द्रोणवधपर्वमें संकुलयुद्धविषयक एक सौ नवासीवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १८९॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)