श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 188: दु:शासन और सहदेवका, कर्ण और भीमसेनका तथा द्रोणाचार्य और अर्जुनका घोर युद्ध  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  7.188.46 
नेमौ शक्यौ महेष्वासौ युद्धे क्षपयितुं परै:।
इच्छमानौ पुनरिमौ हन्येतां सामरं जगत्॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
ये दोनों महाधनुर्धर योद्धा युद्ध में किसी अन्य योद्धा द्वारा नहीं मारे जा सकते, परन्तु यदि वे दोनों चाहें तो देवताओं सहित सम्पूर्ण जगत् का विनाश कर सकते हैं॥ 46॥
 
‘These two great archers cannot be killed by any other warriors in battle. But if they both wish, they can destroy the entire world including the gods.'॥ 46॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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