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श्री महाभारत
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पर्व 7: द्रोण पर्व
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अध्याय 188: दु:शासन और सहदेवका, कर्ण और भीमसेनका तथा द्रोणाचार्य और अर्जुनका घोर युद्ध
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श्लोक 38-39h
श्लोक
7.188.38-39h
तदप्सरोभिराकीर्णं यक्षगन्धर्वसंकुलम्॥ ३८॥
श्रीमदाकाशमभवद् भूयो मेघाकुलं यथा।
अनुवाद
अप्सराओं, यक्षों और गन्धर्वों से भरा हुआ आकाश ऐसा सुन्दर लग रहा था, मानो उसमें बादलों का समूह उमड़ पड़ा हो। 38 1/2
The sky filled with Apsaras, Yakshas and Gandharvas was looking so beautiful, as if a cloud of clouds had gathered in it. 38 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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