श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 188: दु:शासन और सहदेवका, कर्ण और भीमसेनका तथा द्रोणाचार्य और अर्जुनका घोर युद्ध  »  श्लोक 15-16h
 
 
श्लोक  7.188.15-16h 
ततो भीमस्य राधेयो गदामाविध्य वीर्यवान्॥ १५॥
अवासृजद् रथे तां तु बिभेद गदया गदाम्।
 
 
अनुवाद
तब राधापुत्र पराक्रमी कर्ण ने भीम की गदा उठाकर उसके रथ पर फेंकी, किन्तु भीम ने दूसरी गदा से उसे तोड़ दिया।
 
Then the mighty Karna, son of Radha, picked up Bhima's mace, swung it and hurled it at his chariot; but Bhima broke it with another mace. 15 1/2
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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