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mahabharat 7.186.60: जब यह भीषण युद्ध चल रहा था, तो क्षण भर में सूर्यदेव पूर्णतः उदय हो गये।   |   mahabharat अध्याय 7.186: पाण्डववीरोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, द्रुपदके पौत्रों तथा द्रुपद एवं विराट आदिका वध, धृष्टद्युम्नकी प्रतिज्ञा और दोनों दलोंमें घमासान युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 186: पाण्डववीरोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, द्रुपदके पौत्रों तथा द्रुपद एवं विराट आदिका वध, धृष्टद्युम्नकी प्रतिज्ञा और दोनों दलोंमें घमासान युद्ध  »  श्लोक 60
 
 
श्लोक  7.186.60 
तथा संसक्तयुद्धं तदभवद् भृशदारुणम्।
अथ संध्यागत: सूर्य: क्षणेन समपद्यत॥ ६०॥
 
 
अनुवाद
जब यह भीषण युद्ध चल रहा था, तो क्षण भर में सूर्यदेव पूर्णतः उदय हो गये।
 
While this fierce battle was going on, in a moment the Sun rose completely in the early morning dusk. 60.
 
इति श्रीमहाभारते द्रोणपर्वणि द्रोणवधपर्वणि संकुलयुद्धे षडशीत्यधिकशततमोऽध्याय:॥ १८६॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत द्रोणपर्वके अन्तर्गत द्रोणवधपर्वमें संकुलयुद्धविषयक एक सौ छियासीवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १८६॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)