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mahabharat 7.186.50-51h: आर्य! तब महापुरुष भीमसेन धृष्टद्युम्न पर क्रोधित हो उठे और उन्हें भयंकर शब्दबाणों से बींधने लगे।   |   mahabharat अध्याय 7.186: पाण्डववीरोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, द्रुपदके पौत्रों तथा द्रुपद एवं विराट आदिका वध, धृष्टद्युम्नकी प्रतिज्ञा और दोनों दलोंमें घमासान युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 186: पाण्डववीरोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, द्रुपदके पौत्रों तथा द्रुपद एवं विराट आदिका वध, धृष्टद्युम्नकी प्रतिज्ञा और दोनों दलोंमें घमासान युद्ध  »  श्लोक 50-51h
 
 
श्लोक  7.186.50-51h 
तत्राक्रुध्यद् भीमसेनो धृष्टद्युम्नस्य मारिष॥ ५०॥
स एनं वाग्भिरुग्राभिस्ततक्ष पुरुषर्षभ:।
 
 
अनुवाद
आर्य! तब महापुरुष भीमसेन धृष्टद्युम्न पर क्रोधित हो उठे और उन्हें भयंकर शब्दबाणों से बींधने लगे।
 
Arya! Then the great man Bhimasena became enraged at Dhrishtadyumna and began piercing him with fierce verbal arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)