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mahabharat 7.186.49-50h: पांचाल सैनिक प्रयत्न करने पर भी उन महारथियों द्वारा रक्षित द्रोणाचार्य की ओर देख भी नहीं सकते थे।   |   mahabharat अध्याय 7.186: पाण्डववीरोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, द्रुपदके पौत्रों तथा द्रुपद एवं विराट आदिका वध, धृष्टद्युम्नकी प्रतिज्ञा और दोनों दलोंमें घमासान युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 186: पाण्डववीरोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, द्रुपदके पौत्रों तथा द्रुपद एवं विराट आदिका वध, धृष्टद्युम्नकी प्रतिज्ञा और दोनों दलोंमें घमासान युद्ध  »  श्लोक 49-50h
 
 
श्लोक  7.186.49-50h 
रक्ष्यमाणं तथा द्रोणं सर्वैस्तैस्तु महारथै:॥ ४९॥
यतमानास्तु पञ्चाला न शेकु: प्रतिवीक्षितुम्।
 
 
अनुवाद
पांचाल सैनिक प्रयत्न करने पर भी उन महारथियों द्वारा रक्षित द्रोणाचार्य की ओर देख भी नहीं सकते थे।
 
The Panchala soldiers could not even look at Dronacharya who was protected by all those great warriors in spite of trying. 49 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)