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mahabharat 7.186.48-49h: एक ओर पाण्डव पांचाल सेना सहित द्रोणाचार्य का वध कर रहे थे और दूसरी ओर दुर्योधन, कर्ण, सुबलपुत्र शकुनि तथा दुर्योधन के प्रमुख भाई उस युद्ध में आचार्य की रक्षा कर रहे थे।   |   mahabharat अध्याय 7.186: पाण्डववीरोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, द्रुपदके पौत्रों तथा द्रुपद एवं विराट आदिका वध, धृष्टद्युम्नकी प्रतिज्ञा और दोनों दलोंमें घमासान युद्ध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 186: पाण्डववीरोंका द्रोणाचार्यपर आक्रमण, द्रुपदके पौत्रों तथा द्रुपद एवं विराट आदिका वध, धृष्टद्युम्नकी प्रतिज्ञा और दोनों दलोंमें घमासान युद्ध  »  श्लोक 48-49h
 
 
श्लोक  7.186.48-49h 
पञ्चालास्त्वेकतो द्रोणमभ्यघ्नन् पाण्डवै: सह।
दुर्योधनश्च कर्णश्च शकुनिश्चापि सौबल:॥ ४८॥
सोदर्याश्च यथामुख्यास्तेऽरक्षन् द्रोणमाहवे।
 
 
अनुवाद
एक ओर पाण्डव पांचाल सेना सहित द्रोणाचार्य का वध कर रहे थे और दूसरी ओर दुर्योधन, कर्ण, सुबलपुत्र शकुनि तथा दुर्योधन के प्रमुख भाई उस युद्ध में आचार्य की रक्षा कर रहे थे।
 
On one side the Pandavas along with the Panchala army were killing Dronacharya and on the other side Duryodhan, Karna, Subalaputra Shakuni and the main brothers of Duryodhan were protecting the Acharya in that war. 48 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)